Friday, 23 October 2026
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Fasi Ki Saja Sunate Hi Tha Muskan Ka Reaction ? Court Room Me Aakhiri Ghanto Me Kya Hua

Fasi Ki Saja Sunate Hi Tha Muskan Ka Reaction ? Court Room Me Aakhiri Ghanto Me Kya Hua

नीले ड्रम केस में मेरठ कोर्ट द्वारा मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब दोषियों की अंदरूनी हालत और उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है. मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. वीरेश राज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान का वह खौफनाक और तनावपूर्ण मंजर बयां किया है, जब अदालत ने दोनों को सजा-ए-मौत सुनाई.


 फैसला सुनते ही दोनों के होश उड़ गए और वे फूट-फूटकर रोने लगेसजा सुनते ही सदमे में आए दोनों दोषी
जेल अधिकारियों के अनुसार, जब सुबह सजा पर बहस के दौरान वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे, तब दोनों को यह उम्मीद थी कि उन्हें अधिकतम उम्रकैद  की सजा मिलेगी. लेकिन जैसे ही शाम को अदालत ने उन्हें मृत्युदंड सुनाया, वे दोनों गहरे सदमे में चले गए. वीसी रूम में दोनों एक-दूसरे से करीब 3 फीट की दूरी पर खड़े होकर अदालत की स्क्रीन की तरफ देख रहे थे. जज साहब के यह कहते ही कि 'मैं आप दोनों को मृत्युदंड की सजा देता हूं.' दोनों के चेहरे के रंग उड़ गए और वे वहीं फूट-फूटकर रोने लगे.


जेल के अंदर क्या है स्थिति और आगे की प्रक्रिया?
सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन ने दोनों को उच्च न्यायालय में अपील करने के कानूनी अधिकारों के बारे में बता दिया है. वे चाहें तो अपने निजी वकीलों के जरिए अपील कर सकते हैं, अन्यथा जेल प्रशासन स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के माध्यम से उन्हें मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराएगा. दोनों ने अपील पर फैसला लेने के लिए एक-दो दिन का समय मांगा है.
24 घंटे कड़ी निगरानी और सुरक्षा
सजा-ए-मौत पाने वाले इन दोनों कैदियों की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन बेहद सतर्क है. पुराने बंदियों और जेल स्टाफ को इनकी 24 घंटे निगरानी के लिए लगाया गया है. पुरुष बैरक में सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत मुस्कान के साथ उसकी छोटी बेटी महिला बैरक में ही रह रही है. मुस्कान बार-बार अपनी बड़ी बेटी के बारे में पूछती है और उससे मिलना चाहती है. हालांकि जेलर के मुताबिक पिछले डेढ़ साल में परिवार का कोई भी सदस्य उनसे मिलने नहीं आया है. मुस्कान ने अपनी बड़ी बेटी से संपर्क करने या बुलाने के लिए परिजनों को पत्र लिखने की अनुमति मांगी थी, जो उसे दे दी गई है.


अदालत के फैसले के बाद दोनों को सश्रम कारावास भुगतना होगा. जेल नियमों के तहत मुस्कान को महिला बैरक में सिलाई-कढ़ाई और कपड़ा निर्माण जैसे कौशल विकास के कार्यों में लगाया जाएगा, जबकि साहिल को उसकी रुचि और पहले के अनुभव के आधार पर बागवानी और खेती के काम में लगाया गया है.
 

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