Friday, 23 October 2026
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Sapa Neta Pawan Yadav Hatyakand Me Police Ka Bada Action , 3 Aaropi Ki Hui Giraftari, Pahachan Aai Samane

Sapa Neta Pawan Yadav Hatyakand Me Police Ka Bada Action , 3 Aaropi Ki Hui Giraftari, Pahachan Aai Samane

Prayagraj Pawan Yadav Murder Case: प्रयागराज में सपा नेता और पूर्व प्रधान पवन यादव हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लल्ला यादव, बृजेश यादव और निहाल अली के रूप में हुई है. तीनों पर पवन यादव की हत्या में शामिल होने का आरोप है. जांच में सामने आया है कि आरोपी एक ही बाइक से घटनास्थल तक पहुंचे थे और वारदात के बाद फरार हो गए थे. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक के साथ दो तमंचे भी बरामद किए हैं.
 तीनों आरोपी एक ही बाइक से पहुंचे थे
पुलिस के अनुसार वारदात के समय निहाल अली बाइक चला रहा था, जबकि बृजेश यादव उसके बीच में और लल्ला यादव सबसे पीछे बैठा था. पुलिस का दावा है कि इसी दौरान लल्ला यादव ने पवन यादव पर गोली चलाई. इसके बाद तीनों बाइक से मौके से भाग निकले. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में हत्या के बाद तीन बाइक सवारों के भागने की बात सामने आई थी. इसी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची.


पूछताछ में व्यक्तिगत दुश्मनी की बात सामने आई
पुलिस की पूछताछ में लल्ला यादव ने पवन यादव के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी होने की बात बताई है. पुलिस के मुताबिक वारदात में इस्तेमाल किए गए दो तमंचे और कारतूस करीब 20 हजार रुपये में खरीदे गए थे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही हथियारों और बाइक की बरामदगी की कार्रवाई भी की है. अब पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह और इस वारदात में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है.
 पुराने विवाद की भी जांच शुरु
पवन यादव की हत्या के बाद परिवार की ओर से वर्तमान प्रधान के पति विनोद यादव और हिस्ट्रीशीटर लल्ला यादव पर हत्या में शामिल होने का शक जताया गया था. परिवार का कहना था कि पवन यादव की गांव में लोकप्रियता थी और वह आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे. वह बीडीसी सदस्य भी थे. गांव में चल रहे कई मामलों का पवन यादव द्वारा विरोध किए जाने की बात भी सामने आई थी. इसी वजह से विनोद यादव से उनकी निजी और चुनावी रंजिश होने की बात परिवार की ओर से कही गई.


 2018 के हमले से भी जुड़े तार
परिवार के मुताबिक पवन यादव पर साल 2018 में भी बम और गोली से हमला हुआ था. उस समय भी इन्हीं लोगों पर आरोप लगाए गए थे. परिवार अब पुराने विवाद और मौजूदा हत्या के बीच संबंध की आशंका जता रहा है. हालांकि, पुलिस अपनी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है. पुलिस नामजद और संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने के साथ पुराने विवादों और पूर्व की घटनाओं की भी पड़ताल कर रही है.
 मंगलवार शाम बाइक सवारों ने मारी थी गोली
दरअसल, प्रयागराज के गंगानगर जोन में मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के युवा नेता पवन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हंडिया थाना क्षेत्र में बाइक सवार तीन हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया. गोली लगने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पवन यादव को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान मुंगराव गांव निवासी पवन यादव के रूप में हुई थी. वह समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और पूर्व प्रधान रह चुके थे. हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में सपा समर्थक मोर्चरी पहुंच गए.


 घर से बुलावे पर निकले थे पवन यादव
पवन यादव के छोटे भाई ब्रजेश कुमार यादव ने बताया था कि घटना से पहले पवन किसी के बुलाने पर घर से निकले थे. उन्होंने कहा था, 'किसके बुलाने पर वह गए थे, पुलिस इस बात का पता लगा रही है.' ब्रजेश यादव ने यह भी बताया था कि बाइक सवार तीन हमलावरों ने पवन यादव को गोली मारी. उस समय परिवार की ओर से किसी पारिवारिक रंजिश की जानकारी होने से इनकार किया गया था. पुलिस ने इसी बिंदु को भी जांच में शामिल किया था कि पवन यादव घर से निकलने के बाद किससे मिलने गए थे.
पुलिस ने सीसीटीवी से शुरू की थी पड़ताल
घटना के तुरंत बाद हंडिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की थी. गंगानगर जोन के डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया था कि वारदात एक बाइक पर सवार तीन हमलावरों ने की है. पुलिस की कई टीमें हत्याकांड के खुलासे के लिए लगाई गई थीं. अब पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी की जानकारी दी है. इसके साथ ही घटना से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए कई स्थानों पर दबिश दिए जाने की बात भी सामने आई है.सपा ने कानून व्यवस्था पर उठाए थे सवाल
पवन यादव की हत्या के बाद समाजवादी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता निधि यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. उन्होंने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए शासन-प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया था. निधि यादव ने कहा था, 'प्रदेश में अपराधी भागे नहीं हैं, बल्कि और अपराधी आ गए हैं.' उन्होंने पवन यादव के परिवार को न्याय दिलाने की मांग भी की थी. वहीं, परिवार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है और दोषियों के एनकाउंटर की मांग भी उठाई गई है.

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