Friday, 23 October 2026
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Payagraj Me Sapa Neta Pawan Yadav Ke Hatya Aaropi Lalla Yadav Ne Is Baat Ka Liya Badala? Aa Gyi Puri Kahani

Payagraj Me Sapa Neta Pawan Yadav Ke Hatya Aaropi Lalla Yadav Ne Is Baat Ka Liya Badala? Aa Gyi Puri Kahani

 प्रयागराज के हंडिया इलाके में 15 सितंबर की शाम समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुख्य शूटर लल्ला यादव उर्फ जितेंद्र यादव और उसके साथी निहाल अहमद के पैर में गोली लगी जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. इस सनसनीखेज हत्याकांड की पटकथा वर्तमान प्रधान पति विनोद कुमार यादव ने 5 लाख रुपये की सुपारी देकर लिखी थी. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत कुल चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
पुलिस एनकाउंटर और 4 आरोपियों की गिरफ्तारी
15 सितंबर की शाम लगभग 5:30 बजे बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने पवन यादव को गोलियों से भून दिया था. अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी. मुख्य आरोपी विनोद कुमार यादव और बृजेश यादव की निशानदेही पर जब पुलिस टीम जसवा के पास नहर रोड पर पहुंची तो वहां छिपे बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस की आत्मरक्षार्थ फायरिंग में मुख्य शूटर लल्ला यादव उर्फ जितेंद्र और निहाल अहमद के पैर में गोली लगी. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.


मामले में साजिशकर्ता विनोद कुमार यादव (वर्तमान प्रधान पति), बृजेश यादव, शूटर लल्ला यादव और निहाल अहमद समेत कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं.


चुनावी रंजिश और 5 लाख की सुपारी
पुलिस जांच में हत्या की मुख्य वजह पंचायत चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश सामने आई है. मृतक पवन कुमार यादव गांव के पूर्व प्रधान थे. जबकि आरोपी विनोद कुमार यादव वर्तमान प्रधान पति है. आगामी राजनीति में अपना दबदबा बनाए रखने और चुनावी रंजिश के चलते विनोद यादव ने पवन यादव को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा. इसके लिए उसने लल्ला यादव, निहाल अहमद और बृजेश यादव को 5 लाख रुपये का लालच देकर हत्या की सुपारी दी.
कौन है शूटर लल्ला यादव? 
वारदात के वक्त बाइक पर सबसे पीछे बैठकर गोली चलाने वाला लल्ला यादव इस हत्याकांड का सबसे चर्चित चेहरा है. मृतक के परिजनों और पुलिस जांच के मुताबिक, लल्ला यादव की पवन यादव से सालों पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी थी. मृतक के भाई के अनुसार, साल 2018 में भी पवन यादव पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमें गोलियां और बम चले थे. तभी से लल्ला यादव उनसे रंजिश रखता था. साल 2022 में लल्ला यादव एक हत्याकांड के मामले में जेल गया था. उसे गहरा शक था कि पुलिस को उसकी मुखबिरी पवन यादव ने ही की थी.


जेल से आने के बाद से ही लल्ला यादव के मन में पवन यादव के खिलाफ गुस्सा भरा हुआ था. जैसे ही प्रधान पति विनोद यादव ने 5 लाख रुपये की सुपारी का ऑफर दिया लल्ला यादव ने इस मौके का इस्तेमाल अपनी पुरानी रंजिश भुनाने के लिए किया और वारदात को अंजाम दे दिया.

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