Friday, 23 October 2026
Crime

Pakade Gye To Pati Ka Name Lena...' Karodpati Sasur Ki Hatya Se Pahle Bahu Ne Katil Naukaro Ko Diya Tha Yah Plan!

Pakade Gye To Pati Ka Name Lena...' Karodpati Sasur Ki Hatya Se Pahle Bahu Ne Katil Naukaro Ko Diya Tha  Yah Plan!

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को साजिश से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. डीसीपी वेस्ट कासिम आब्दी के साथ बातचीत में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें शालू ने कथित तौर पर हिदायत दी थी कि अगर पुलिस उन्हें पकड़ ले तो उसका नाम न लें, बल्कि सुब्रत का नाम बताएं.
 कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को साजिश से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. डीसीपी वेस्ट कासिम आब्दी के साथ बातचीत में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें शालू ने कथित तौर पर हिदायत दी थी कि अगर पुलिस उन्हें पकड़ ले तो उसका नाम न लें, बल्कि सुब्रत का नाम बताएं. पुलिस का मानना है कि इसके पीछे जांच को भटकाने की रणनीति हो सकती है. इसी बीच पति-पत्नी और पूर्व नौकर के बीच सैकड़ों कॉल्स और चैट्स की जानकारी सामने आई है. डिलीट डेटा को रिकवर करने के लिए दोनों मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच में भेजे गए हैं.
 पकड़े जाने पर सुब्रत का नाम लेने को कहा था
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि शालू ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि पकड़े जाने की स्थिति में उसका नाम नहीं लेना है. इसके बजाय सुब्रत का नाम लेने की हिदायत दी गई थी. पुलिस इस पहलू को इसलिए महत्वपूर्ण मान रही है क्योंकि सुब्रत और पूर्व नौकर विशाल के बीच लंबे समय से ज्यादा बातचीत होती थी. ऐसे में जांच की दिशा सुब्रत की ओर मोड़ना कथित साजिश का हिस्सा हो सकता था. हालांकि पुलिस अभी इस दावे को दूसरे डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलाकर जांच रही है.
300 से ज्यादा बार सुब्रत और नौकर में संपर्क
जांच में मोबाइल रिकॉर्ड से पति-पत्नी और आरोपी नौकर के बीच लगातार संपर्क की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, सुब्रत के फोन से विशाल के साथ 300 से ज्यादा बार बातचीत हुई, जबकि शालू ने भी आरोपी से 35 से अधिक बार कॉल पर संपर्क किया. दोनों मोबाइल फोन में कुछ डिलीट चैट भी मिली हैं. पुलिस ने इन डिवाइस को फॉरेंसिक टीम के पास भेजा है, ताकि हटाए गए मैसेज और दूसरी डिजिटल जानकारी को दोबारा हासिल किया जा सके. पुलिस के मुताबिक सुब्रत को अभी जांच से बाहर नहीं रखा गया है और डिजिटल एविडेंस के आधार पर उसकी भूमिका भी जांची जाएगी.
 पहले ट्रक से टक्कर कराने का था प्लान
पुलिस की जांच में हत्या की कथित साजिश के शुरुआती प्लान को लेकर भी नया खुलासा हुआ है. आरोपियों के मुताबिक, शुरुआत में विनीत मिनोचा की हत्या को सड़क हादसा दिखाने की योजना बनाई गई थी. इसके लिए ट्रक या किसी अन्य वाहन से टक्कर करवाने पर विचार किया गया था. हालांकि कानपुर के भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की वारदात को अंजाम देना जोखिम भरा माना गया. इसके बाद कथित तौर पर यह योजना बदल दी गई और हत्या का दूसरा तरीका तय किया गया
एक्सीडेंट के बाद तकिए से हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार वाहन से हादसा कराने का प्लान बदलने के बाद विनीत को सोते समय तकिए से दम घोंटकर मारने की साजिश बनाई गई थी. मकसद कथित तौर पर मौत को सामान्य या हार्ट अटैक जैसा दिखाना था. लेकिन वारदात की रात घटनाक्रम योजना के मुताबिक नहीं हुआ. पुलिस की पुरानी जांच के मुताबिक, विनीत बच्चों के कमरे की तरफ चले गए और वहां छिपे हमलावरों के सामने आ गए. इसके बाद लाइट जलने पर आरोपियों ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया
49 डिलीट मैसेज ने बढ़ाए जांच के सवाल
इससे पहले पुलिस की डिजिटल जांच में शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क की बात सामने आई थी. जांच के मुताबिक 1 मई से हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 309 बार संपर्क हुआ था. इसमें सामान्य फोन कॉल के साथ व्हाट्सऐप कॉल भी शामिल बताई गई थीं. मोबाइल जांच के दौरान 49 मैसेज डिलीट मिले थे. पुलिस अब इन संदेशों को रिकवर कराने में जुटी है. जांच टीम यह पता करना चाहती है कि इन चैट्स में हत्या से पहले कोई योजना, निर्देश या अन्य महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी या नहीं


 CCTV से खुली थी विशाल और राजकिशोर की कड़ी
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की CCTV फुटेज खंगाली थी. फुटेज में कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के फ्लैट में आने-जाने की जानकारी मिली. विशाल पहले विनीत के यहां काम कर चुका था, इसलिए पुलिस ने उसके पुराने संपर्कों की जांच शुरू की. इसी दौरान उसके मोबाइल रिकॉर्ड से शालू के साथ लगातार बातचीत की कड़ी सामने आई. पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्धों को रविवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उन्होंने शालू के कहने पर हत्या करने की बात बताई.
 अब डिजिटल डेटा से खुलेगा राज
यह पूरा मामला कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित इंदिरानगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट C-104 का है. 63 साल के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की शनिवार देर रात चाकू से हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक उनके शरीर पर 26 से ज्यादा वार किए गए थे. रविवार सुबह करीब चार बजे बेटा और बहू पार्टी से लौटे, तब हत्या का पता चला. विनीत कानपुर के पांच बड़े दवा कारोबारियों में गिने जाते थे. अब पुलिस CCTV, कॉल रिकॉर्ड, चैट और फॉरेंसिक रिपोर्ट को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है

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