गरीब महोत्सव में 7 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, मानव शिक्षा सेवा संस्था की अनूठी पहल
तीन सप्ताह में 21 जोड़ों के सामूहिक विवाह का संकल्प, जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत।
मानव शिक्षा सेवा संस्था की ओर से समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता और जरूरतमंद परिवारों की मदद के उद्देश्य से चलाए जा रहे “गरीब महोत्सव” के तहत आज 7 जोड़ों का दहेज रहित सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। संस्था के प्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की।
इस पहल का उद्देश्य उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाना है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी बेटियों का विवाह करने में परेशानियों का सामना करते हैं। संस्था की ओर से बिना दहेज के सामूहिक विवाह कराकर समाज में सादगीपूर्ण विवाह और दहेज-मुक्त विवाह का संदेश दिया जा रहा है।
तीन सप्ताह में 21 जोड़ों के विवाह का संकल्प
“गरीब महोत्सव” के माध्यम से मानव शिक्षा सेवा संस्था ने तीन सप्ताह के भीतर 21 जोड़ों का दहेज रहित सामूहिक विवाह कराने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में आज 7 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। संस्था का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ सकारात्मक माहौल तैयार करना और गरीब परिवारों को सम्मान के साथ विवाह संपन्न कराने में सहयोग देना है।दहेज के खिलाफ सामाजिक संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से संस्था ने समाज के लोगों से दहेज जैसी कुरीति को समाप्त करने और विवाह को दिखावे के बजाय सामाजिक जिम्मेदारी एवं आपसी सम्मान का माध्यम बनाने की अपील की। सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जहां बड़ी राहत मिलती है, वहीं समाज में दहेज-मुक्त विवाह को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है।
मानव शिक्षा सेवा संस्था की यह पहल “गरीब महोत्सव” के माध्यम से सेवा, सहयोग और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।